Jan 13, 2026
मकर संक्रांति पर खतरे की घंटी: बच्चे ने चीनी मांझा उड़ाया तो माता-पिता जेल! हाईकोर्ट का कड़ा फैसला
इंदौर– मकर संक्रांति के मौके पर उत्साह के बीच चीनी मांझा (नायलॉन की तेज धागा) अब जानलेवा साबित हो रहा है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने इस खतरनाक धागे पर सख्त रुख अपनाते हुए ऐतिहासिक निर्देश जारी किए हैं। यदि किसी व्यक्ति की मौत चीनी मांझे से होती है, तो इसे महज हादसा नहीं माना जाएगा, बल्कि जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत गैर-इरादतन हत्या (लापरवाही से मौत का कारण बनना) का केस दर्ज होगा।
नाबालिगों के लिए अभिभावक जिम्मेदार
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई नाबालिग चीनी मांझे से पतंग उड़ाते पकड़ा जाता है, तो उसके माता-पिता या अभिभावकों को कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा। यह फैसला बच्चों की सुरक्षा और सार्वजनिक जान-माल की रक्षा के लिए लिया गया है।
मौतों पर संज्ञान और सख्ती
हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए निर्देश दिए कि बिक्री, भंडारण, निर्माण और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया जाए। इंदौर में हाल ही में दो मौतें हुई हैं – एक 16 वर्षीय लड़का और एक 45 वर्षीय व्यक्ति की गला कटने से मौत हुई। कोर्ट ने इसे प्रशासन की नाकामी बताया और कहा कि बैन के बावजूद बाजार में उपलब्धता दुर्भाग्यपूर्ण है।
जागरूकता और सजा का प्रावधान
अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिया कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक प्रचार किया जाए। यदि मौत या गंभीर चोट होती है, तो 5 साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है। पुलिस और जिला प्रशासन को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा पहली प्राथमिकता
यह फैसला पक्षियों, दोपहिया वाहन चालकों और आम जनता की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। उत्सव की खुशी किसी की जान से ऊपर नहीं होनी चाहिए। प्रशासन अब जीरो टॉलरेंस नीति अपनाएगा।







