Aug 29, 2025
उम्र नहीं, सेवा है अहम: मोहन भागवत का बड़ा बयान
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने स्पष्ट कहा कि संघ में रिटायरमेंट जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने साफ किया कि न तो वे 75 साल की उम्र पर रुकेंगे और न किसी और को ऐसा करने के लिए कहेंगे। भागवत का कहना है कि संघ का हर स्वयंसेवक वही करता है, जो संगठन उससे अपेक्षा करता है। उन्होंने कहा कि सेवा का भाव जीवनभर चलता रहता है, उम्र इसमें कभी बाधा नहीं बनती।
संघ में नहीं है रिटायरमेंट की परंपरा
भागवत ने कहा कि संघ में कार्य करते समय उम्र की कोई सीमा तय नहीं होती। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक क्षमता है, तब तक सेवा चलती रहती है।
मोरोपंत पिंगले का उदाहरण दिया
उन्होंने बताया कि मोरोपंत पिंगले ने एक बार सम्मान के दौरान मजाक में कहा था कि उम्र अधिक होने का मतलब केवल बैठकर देखना नहीं है। इसी प्रसंग को लोग गलत समझ बैठे।
संघ कहेगा तो 80 की उम्र में भी शाखा जाऊंगा'
भागवत ने कहा कि अगर वे 80 साल के भी हो जाएं और संगठन कहे कि शाखा चलानी है, तो वे बिना हिचक ऐसा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरसंघचालक बनने के लिए कई योग्य लोग हैं।