Aug 29, 2025
चंद्र ग्रहण 2025: चमत्कारी काल में साधना और दान का महत्व, भारत में कब दिखेगा
7-8 सितंबर 2025 को होने वाला पूर्ण चंद्र ग्रहण (ब्लड मून) भारत में साफ दिखाई देगा। धार्मिक मान्यताओं में ग्रहण काल को चमत्कारी माना जाता है, जब जप, ध्यान और दान का फल कई गुना बढ़ता है। यह खगोलीय घटना एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका में भी दिखेगी। ग्रहण के दौरान विशेष उपायों से ग्रहदोष शांत होते हैं।
ग्रहण का समय और दृश्यता
चंद्र ग्रहण 7 सितंबर 2025 की रात 8:58 बजे शुरू होगा, पूर्ण ग्रहण रात 11:00 से 12:22 बजे तक रहेगा और सुबह 2:25 बजे समाप्त होगा। भारत के अधिकांश हिस्सों में यह दिखाई देगा।
धार्मिक महत्व
ज्योतिष के अनुसार, ग्रहण काल में वातावरण में अदृश्य शक्तियां सक्रिय होती हैं, जो साधना और मंत्रजाप को प्रभावी बनाती हैं। इस समय दान से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
उपाय और सावधानियां
महामृत्युंजय और गायत्री मंत्र का जाप मानसिक शांति देता है। तिल, अनाज और वस्त्र दान से पितृदोष निवारण होता है। गर्भवती महिलाओं को घर में रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
ग्रहण के बाद
ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान, पूजा और दान से ग्रहण दोष दूर होता है। यह समय आध्यात्मिक और खगोलीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है।