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इंदौर का छिपा हुआ 'धनकुबेर भिखारी': भीख से बनाया साम्राज्य!

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Jan 18, 2026

इंदौर का छिपा हुआ 'धनकुबेर भिखारी': भीख से बनाया साम्राज्य!

 मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया है, जो सबको हैरान कर गया। सराफा बाजार में सालों से भीख मांगने वाला एक व्यक्ति असल में संपत्ति का मालिक निकला। उसकी कमाई और बुद्धिमत्ता ने उसे 'धनकुबेर' बना दिया था। यह घटना बताती है कि भीख मांगना कभी-कभी एक सुनियोजित तरीका हो सकता है।

भीख से रोजाना कमाई और उसका इस्तेमाल

सराफा क्षेत्र में लकड़ी की फिसलने वाली गाड़ी पर बैठकर, पीठ पर बैग और हाथ में जूते के सहारे यह व्यक्ति लोगों की सहानुभूति बटोरता था। वह बिना कुछ बोले खड़ा हो जाता, और लोग खुद पैसे दे देते। जांच में पता चला कि वह रोजाना 500 से 1000 रुपये तक कमा रहा था। इन पैसों को वह सराफा के व्यापारियों को ब्याज पर कर्ज देता था – कभी एक दिन के लिए, तो कभी सप्ताह भर के लिए। रोज ब्याज वसूलने के लिए वह सराफा आता था।

संपत्ति का खुलासा: तीन मकान, ऑटो और कार

अधिकारियों की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। उसके पास इंदौर के अलग-अलग इलाकों में तीन पक्के मकान हैं – भगत सिंह नगर में 16×45 फीट का तीन मंजिला मकान, शिवनगर में 600 स्क्वायर फीट का मकान और अलवास में 10×20 फीट का एक बीएचके (जो विकलांगता के आधार पर शासन ने दिया था)। इसके अलावा तीन ऑटो रिक्शा हैं, जो वह किराए पर चलवाता है, और एक डिजायर कार भी, जिसके लिए ड्राइवर रखा हुआ है। वह अलवास में माता-पिता के साथ रहता है, जबकि दो भाई अलग हैं।

अभियान की सफलता और आगे की कार्रवाई

फरवरी 2024 से चल रहे भिक्षावृत्ति मुक्त अभियान में शुरुआती सर्वे में करीब 6500 भिखारी मिले थे। अब तक 4500 की काउंसलिंग कर भीख छुड़ाई गई, 1600 को आश्रम भेजा गया और 172 बच्चों को स्कूल में दाखिला कराया गया। प्रशासन ने कहा है कि भिक्षावृत्ति करने वालों और इसे बढ़ावा देने वालों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी।

 

Report By:
Monika