Jan 5, 2026
उज्जैन में जानलेवा चाइना डोर का कहर: एक महीने में छठा शिकार, युवक की गर्दन पर गहरा घाव
उज्जैन शहर में प्रतिबंधित चाइना डोर का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। मकर संक्रांति के आसपास पतंगबाजी के शौक में इस्तेमाल होने वाली यह घातक डोर अब लोगों की जान पर बन आई है। रविवार को लालपुल के पास बाइक पर सवार एक 20 वर्षीय युवक के गले में फंसकर इसने गंभीर चोट पहुंचाई। डॉक्टरों ने उसके गले से डोर का टुकड़ा निकालकर 12 टांके लगाए, लेकिन हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। पिछले एक महीने में यह छठी ऐसी घटना है, जिसमें दोपहिया वाहन चालक इस डोर की चपेट में आए। पुलिस और प्रशासन की सख्ती के बावजूद चाइना डोर का उपयोग जारी है, जो आम नागरिकों के लिए बड़ा खतरा बन चुका है।
नवीनतम हादसा: पुजारी युवक गंभीर रूप से घायल
जयसिंहपुरा इलाके में किराए के मकान में रहने वाले 20 साल के विजय तिवारी पेशे से पंडित हैं। वे राजगढ़ के मूल निवासी हैं। रविवार को बाइक से लालपुल के पास से गुजरते समय अचानक उनके गले में चाइना डोर फंस गई। तेज रफ्तार के कारण डोर ने गले की नस को गहराई तक काट दिया, जिससे खून बहने लगा। विजय बाइक रोक पाते, इससे पहले ही वे गंभीर रूप से जख्मी हो गए। राहगीरों ने उन्हें फौरन चरक अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने सर्जरी कर डोर का टुकड़ा निकाला और 12 टांके लगाए। घाव इतना गहरा है कि फिलहाल वे बोल भी नहीं पा रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत स्थिर तो है, लेकिन पूरी तरह खतरे से बाहर नहीं।
एक महीने में छह लोग हुए शिकार
पिछले एक महीने में उज्जैन में चाइना डोर से घायल होने वालों की संख्या छह हो चुकी है:
31 दिसंबर को 17 वर्षीय नाबालिग प्रेम की गर्दन पर गहरा घाव हुआ, वे बोलने में असमर्थ हो गए थे, अब सुधार है।
27 दिसंबर को 52 साल के तुलसीराम राठौड़ की नाक कट गई।
20 दिसंबर को छात्र योगेश आंजना के गले में 10 टांके लगे।
7 दिसंबर को विपुल महिवाल और एक युवती का गला जीरो पॉइंट ब्रिज पर कटा। ये सभी मामले दोपहिया वाहनों पर सवार लोगों के साथ हुए, जो पुलों या व्यस्त सड़कों से गुजर रहे थे।
पहले भी जा चुकी है जान
चाइना डोर का खतरा नया नहीं है। साल 2022 में जीरो पॉइंट पुल पर 11वीं की छात्रा नेहा आंजना की इसी डोर से गला कटने से मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया था, लेकिन सबक नहीं लिया गया।
प्रशासन की कार्रवाई बेअसर क्यों?
कलेक्टर ने चाइना डोर की बिक्री और उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगा रखा है। पुलिस पतंग दुकानों की छापेमारी कर रही है और छतों पर पतंग उड़ा रहे लोगों की डोर जांचती है। बच्चों को समझाया भी जा रहा है कि यह डोर जानलेवा है। फिर भी कुछ शौकीन इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे निर्दोष लोग शिकार बन रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता और सख्त जुर्माने की जरूरत है, ताकि यह खतरा पूरी तरह रोका जा सके।
कुल मिलाकर, पतंगबाजी का मजा लेते समय दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। चाइना डोर जैसी घातक चीजों से दूर रहकर ही त्योहार को सुरक्षित बनाया जा सकता है।








