Jan 8, 2026
एमपी की हथकरघा और सिल्क विरासत को मिलेगा ग्लोबल विंग्स: उज्जैन में अगले राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन का प्रस्ताव
मध्य प्रदेश की समृद्ध टेक्सटाइल विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। गुवाहाटी में आयोजित राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों के सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जोरदार तरीके से प्रदेश की हैंडलूम, सिल्क और पारंपरिक वस्त्रों की क्षमताओं को突出 किया। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि जुलाई 2026 में होने वाला अगला राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन महाकाल की नगरी उज्जैन में हो, ताकि एमपी की टेक्सटाइल हेरिटेज और निवेश अवसरों को वैश्विक मंच मिल सके।
एमपी टेक्सटाइल सेक्टर में तेजी से विकास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का वस्त्र उद्योग विरासत संरक्षण के साथ-साथ आधुनिक इनोवेशन की ओर बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश में चंदेरी, महेश्वरी साड़ियां, उच्च गुणवत्ता वाला मलबरी सिल्क और ऑर्गेनिक कॉटन जैसे उत्पादों पर विशेष फोकस है। सरकार महिलाओं को स्पिंडल्स और हैंडलूम के जरिए आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दे रही है, खासकर खरगोन और बुधनी जैसे आदिवासी क्षेत्रों में।
पीएम मित्र पार्क: निवेश और रोजगार का नया केंद्र
धार में विकसित हो रहे देश के पहले पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क की चर्चा करते हुए सीएम ने बताया कि यहां पूरी वैल्यू चेन एक छत के नीचे आएगी। पिछले डेढ़ दशक में टेक्सटाइल सेक्टर में 25 हजार करोड़ से ज्यादा निवेश आ चुका है, जिससे लाखों रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने इस पार्क को अन्य राज्यों के लिए मॉडल बताया और सराहना की।
दो दिवसीय सम्मेलन में हथकरघा, हस्तशिल्प, टेक्निकल टेक्सटाइल और निर्यात पर गहन विचार-विमर्श हुआ। यह आयोजन एमपी को राष्ट्रीय टेक्सटाइल हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।








