Jan 19, 2026
सेना की बेटी पर आपत्तिजनक बयान: मंत्री विजय शाह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आज निर्णायक सुनवाई
भारतीय सेना की वीर अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राष्ट्र को गौरवान्वित किया, आज भी विवाद के केंद्र में हैं। मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा उनके खिलाफ दिए गए अशोभनीय बयान ने पूरे देश में आक्रोश फैलाया। छह महीने बाद आज (19 जनवरी 2026) सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हो रही है, जहां संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की जिम्मेदारी और सेना की गरिमा पर बड़ा फैसला आ सकता है।
विवाद की शुरुआत
11 मई 2025 को इंदौर जिले के रायकुंडा गांव में 'हलमा' कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि "उन्होंने कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने भेजा" तथा कर्नल सोफिया की ओर इशारा कर "समाज की बहन को भेजा कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया, तो तुम्हारे समाज की बहन तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी"। यह बयान सेना की महिला अधिकारी की गरिमा और सैन्य सम्मान के खिलाफ माना गया।
देशव्यापी बवाल और प्रतिक्रियाएं
बयान वायरल होते ही विपक्ष, पूर्व सैन्य अधिकारी, महिला संगठन और आम जनता ने तीखी निंदा की। इसे असंवैधानिक और शर्मनाक बताया गया। कई जगहों पर एफआईआर दर्ज करने और मंत्री के इस्तीफे की मांग उठी।
माफी का प्रयास और कोर्ट की कड़ी टिप्पणी
विवाद बढ़ने पर विजय शाह ने सोशल मीडिया पर माफी मांगी और कहा कि वे कर्नल सोफिया को अपनी बहन से अधिक सम्मान देते हैं। लेकिन जुलाई 2025 की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने इस ऑनलाइन माफी को महज औपचारिकता करार दिया और नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से ऐसी गैर-जिम्मेदाराना भाषा बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
आज की सुनवाई का महत्व
आज की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट यह तय करेगा कि हाई कोर्ट द्वारा निर्देशित एफआईआर के खिलाफ मंत्री की याचिका पर क्या फैसला होता है। यह मामला न केवल सेना की महिला अधिकारियों की प्रतिष्ठा से जुड़ा है, बल्कि जनप्रतिनिधियों की भाषा और जवाबदेही पर भी बड़ा सबक दे सकता है। पूरा देश इस फैसले पर नजरें गड़ाए हुए है।







