Jan 15, 2026
बुर्का-नकाब पर रोक: छत्तीसगढ़ सराफा दुकानों में अब चेहरा छिपाकर एंट्री नहीं!
छत्तीसगढ़ सर्राफा एसोसिएशन ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब राज्य की सराफा दुकानों में बुर्का या नकाब पहनकर प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह कदम बढ़ती चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए उठाया गया है, जहां अपराधी इन वस्त्रों की आड़ में दुकानों में घुसकर वारदात अंजाम दे रहे थे। एसोसिएशन का यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
चोरी की बढ़ती वारदातें बनी वजह
पिछले कुछ महीनों में बिलासपुर सहित छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में सराफा दुकानों पर चोरी की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। जांच में सामने आया कि अधिकांश मामलों में चोर बुर्का या नकाब पहनकर दुकान में प्रवेश करते थे, जिससे उनकी पहचान लगभग असंभव हो जाती थी। सीसीटीवी फुटेज में भी चेहरा ढका होने के कारण पुलिस के लिए अपराधियों को ट्रेस करना मुश्किल हो रहा था।
आपात बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया फैसला
छत्तीसगढ़ सर्राफा एसोसिएशन की एक आपातकालीन बैठक में सभी सदस्यों ने इस समस्या पर गहन चर्चा की। प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने बताया कि यह प्रतिबंध किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि केवल दुकानदारों की सुरक्षा और व्यापार की रक्षा के लिए लिया गया है। बैठक में सभी ने सर्वसम्मति से बुर्का-नकाब में प्रवेश पर रोक लगाने का समर्थन किया।
ग्राहकों से चेहरा दिखाने का अनुरोध, बोर्ड लगेंगे दुकानों पर
अब हर सराफा दुकान पर बाहर स्पष्ट बोर्ड लगाए जाएंगे, जिनमें लिखा होगा कि बुर्का या नकाब पहनकर प्रवेश निषिद्ध है। यदि कोई ग्राहक इसका पालन नहीं करता, तो उसे दुकान में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। दुकानदारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर ग्राहक से चेहरा दिखाने का विनम्र अनुरोध करें। यह कदम चोरों के लिए मुश्किलें खड़ी करेगा।
अतिरिक्त सुरक्षा उपायों पर जोर
प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने सभी सराफा व्यापारियों से अपील की है कि वे उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे, अलार्म सिस्टम, मजबूत सेफ लॉक और अन्य आधुनिक सुरक्षा उपकरण जरूर लगवाएं। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी स्थानीय पुलिस और एसोसिएशन को देने का आग्रह किया गया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।








