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नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार: गरियाबंद में 8 नक्सली हथियार डालकर बने आजाद भारत के सिपाही

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Jan 19, 2026

नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार: गरियाबंद में 8 नक्सली हथियार डालकर बने आजाद भारत के सिपाही

 छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नक्सल विरोधी अभियान को मिली ऐतिहासिक सफलता ने पूरे राज्य में शांति की नई उम्मीद जगाई है। मोस्ट वांटेड नक्सली बलदेव और अंजू सहित कुल 8 नक्सलियों ने हथियारों के साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। यह घटना न केवल संगठन को कमजोर करती है, बल्कि मुख्यधारा में लौटने की राह को मजबूत बनाती है।

 दो प्रमुख DVCM सदस्यों का सरेंडर

बलदेव और अंजू डिविजनल कमेटी के सक्रिय सदस्य थे और लंबे समय से पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल थे। दोनों पर 8-8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनके साथ अन्य नक्सली भी कई गंभीर घटनाओं में शामिल रहे थे। आत्मसमर्पण के दौरान वे एक मिनी बस में हाथों में तिरंगा लिए नजर आए, जो राष्ट्रप्रेम और नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक बना।

परिवार की अपील और संगठन की कमजोरी

दो दिन पहले ही इनके परिजनों ने सार्वजनिक रूप से उन्हें मुख्यधारा में लौटने की भावुक अपील की थी, जिसका असर साफ दिखा। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस क्षेत्र में नक्सली संगठन के अंतिम बचे करीब 20 सदस्यों में से अब तक 9 सरेंडर कर चुके हैं। इससे संगठन तेजी से कमजोर पड़ रहा है और शेष सदस्यों के आत्मसमर्पण की संभावना बढ़ गई है।

पुनर्वास नीति और भविष्य की उम्मीद

प्रशासन ने सरेंडर करने वालों को सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का मानना है कि यह कदम नक्सल प्रभावित इलाकों में स्थायी शांति और तेज विकास लाएगा। सुरक्षा बलों का मनोबल भी इस सफलता से सातवां आसमान छू रहा है।

यह घटना छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रही है।

Report By:
Monika