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सीएम मोहन यादव की पहल: भोपाल में खुलेगा ‘संध्या छाया’ लग्जरी वृद्धाश्रम, बुजुर्गों को मिलेगा घर जैसा माहौल

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Jan 24, 2026

सीएम मोहन यादव की पहल: भोपाल में खुलेगा ‘संध्या छाया’ लग्जरी वृद्धाश्रम, बुजुर्गों को मिलेगा घर जैसा माहौल

24 जनवरी 2026, भोपाल के लिए एक यादगार दिन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज 'संध्या छाया' नामक अत्याधुनिक सशुल्क वृद्धाश्रम का उद्घाटन कर रहे हैं। यह सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि बुजुर्गों के सम्मान, स्वास्थ्य और खुशी का नया आशियाना है। सामाजिक न्याय विभाग की यह पहल बदलते परिवारों में बढ़ते अकेलेपन को दूर करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

 बदलते समय में बुजुर्गों की अनसुनी पुकार

आज न्यूक्लियर परिवार आम हो गए हैं। बच्चे करियर और सपनों के पीछे शहर-विदेश भागते हैं, तो माता-पिता घर में अकेले रह जाते हैं। आर्थिक रूप से मजबूत होने के बावजूद भावनात्मक खालीपन, स्वास्थ्य देखभाल की कमी और रोजमर्रा की मदद न मिलना बुजुर्गों की सबसे बड़ी तकलीफ बन गया है। 'संध्या छाया' इसी दर्द को समझकर बनाया गया है—जहां बुजुर्ग अकेले नहीं, बल्कि खुशहाल और सुरक्षित महसूस करेंगे।

24 करोड़ की लागत से बनी शानदार सुविधा

भोपाल के पत्रकार कॉलोनी, लिंक रोड नंबर-3 पर स्थित यह वृद्धाश्रम 5 एकड़ से ज्यादा जमीन पर फैला है। कुल 34 कमरे (12 सिंगल और 22 डबल बेड) में 56 बुजुर्गों के लिए आरामदायक जगह। हर कमरे में एसी, टीवी, फ्रिज, गर्म-ठंडा पानी, प्राइवेट बालकनी और अटैच्ड बाथरूम। यहाँ लग्जरी होटल जैसा फील मिलेगा, लेकिन बुजुर्गों के लिए स्पेशल डिजाइन।

स्वास्थ्य, मनोरंजन और 24x7 सुरक्षा

यहाँ 24 घंटे डॉक्टर, फिजियोथेरेपी, इमरजेंसी मेडिकल सपोर्ट उपलब्ध। मनोरंजन के लिए लाइब्रेरी, ओपन मेस, डाइनिंग हॉल, खूबसूरत वॉकिंग ट्रैक। हर कमरे में कॉल बेल, इंटरकॉम, टेलीफोन और हाई-लेवल सिक्योरिटी सिस्टम। बुजुर्गों को न सिर्फ शारीरिक देखभाल, बल्कि मानसिक शांति और सामाजिक जुड़ाव भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री का संदेश और भविष्य की उम्मीद

डॉ. मोहन यादव आज इस आश्रम को बुजुर्गों को सौंपकर राज्य की वृद्ध-कल्याण नीति को नई ऊँचाई देंगे। यह पहल अन्य शहरों के लिए मॉडल बनेगी, ताकि हर बुजुर्ग को सम्मानजनक जीवन मिले। 'संध्या छाया' सिर्फ नाम नहीं—यह शाम की छांव है, जो जीवन के अंतिम पड़ाव को सुंदर बनाएगी।

Report By:
Monika