Jan 24, 2026
भाई की तेरहवीं से पहले ही परिवार पर टूट पड़ी विपदा: कुएं से निकले मां-बेटे के शव
मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। तेंदूखेड़ा के वार्ड नंबर 1 में नगर पालिका के एक कुएं से 35 वर्षीय महिला और उसके मात्र तीन महीने के मासूम बेटे का शव बरामद हुआ है। यह दर्दनाक मामला परिवार की पीड़ा और मानसिक स्वास्थ्य की गंभीर समस्या को उजागर करता है।
भाई की तेरहवीं में मायके आई थी महिला
मृतक महिला की पहचान जयंती केवट के रूप में हुई है, जो झरौली की निवासी थीं। वह अपने भाई की तेरहवीं (मृत्यु के बाद 13वें दिन का संस्कार समारोह) में शामिल होने के लिए मायके आई हुई थीं। शुक्रवार रात को वह अचानक घर से गायब हो गईं। अगले दिन शनिवार सुबह जब नगर पालिका के कर्मचारियों ने कुएं में शव तैरते देखे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शवों को बाहर निकाला।
पांच साल से बीमारी से जूझ रही थीं जयंती
परिजनों के अनुसार, जयंती पिछले पांच वर्षों से गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं। उनका इलाज जबलपुर के अस्पतालों में भी कराया गया था, लेकिन कोई स्थायी सुधार नहीं हुआ। बीमारी के कारण वह रात में अक्सर चिल्लाने और बड़बड़ाने लगती थीं। परिवार ने चिकित्सकीय उपचार के साथ-साथ पारंपरिक झाड़-फूंक भी कराई, परंतु स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। महिला के पति एक मजदूर हैं और पहले भी उनके दो बच्चों की असमय मौत हो चुकी है, जो परिवार पर अतिरिक्त मानसिक बोझ डाल रही थी।
पुलिस जांच में जुटी, हादसा या आत्महत्या?
तेंदूखेड़ा एसडीओपी के अनुसार, शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस इस बात की गहन जांच कर रही है कि यह दुर्घटना थी, या महिला अपनी लंबी बीमारी और मानसिक पीड़ा से तंग आकर ऐसा कदम उठा चुकी थीं। पूरे क्षेत्र में इस घटना से गहरा सदमा पहुंचा है और लोग परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। ऐसी घटनाएं समाज में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।







