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मध्य प्रदेश स्पेस टेक नीति-2026: उज्जैन बनेगा अंतरिक्ष अनुसंधान का नया केंद्र, सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान!

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Jan 24, 2026

मध्य प्रदेश स्पेस टेक नीति-2026: उज्जैन बनेगा अंतरिक्ष अनुसंधान का नया केंद्र, सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान!

 मध्य प्रदेश अब अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई उड़ान भरने को तैयार है! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में 'मध्य प्रदेश स्पेस टेक नीति-2026' का शुभारंभ किया, जिसके तहत महाकाल नगरी उज्जैन को खगोल भौतिकी और अंतरिक्ष विज्ञान का प्रमुख अनुसंधान केंद्र बनाने की घोषणा की गई है। यह नीति राज्य की प्राचीन खगोलीय विरासत को आधुनिक तकनीक से जोड़कर भारत की उभरती स्पेस इकोनॉमी में मजबूत हिस्सेदारी सुनिश्चित करेगी।

 प्राचीन 'भारत का ग्रीनविच' से आधुनिक स्पेस हब तक

उज्जैन, जिसे सदियों से खगोल विज्ञान का केंद्र माना जाता रहा है (खासकर डोंगला क्षेत्र को प्राचीन भारत का ग्रीनविच कहा जाता था), अब आधुनिक अंतरिक्ष अनुसंधान का नया गढ़ बनेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यहां एक विशेष अनुसंधान एवं विकास केंद्र स्थापित होगा, जो उज्जैन की समृद्ध खगोलीय परंपरा को एआई, उन्नत विज्ञान और स्पेस टेक्नोलॉजी से जोड़ेगा। इससे राज्य अंतरिक्ष क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा और युवाओं को उच्च-स्तरीय वैज्ञानिक अवसर मिलेंगे।

 स्पेस टेक नीति-2026: पूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र का विकास

यह नीति अपस्ट्रीम (उपग्रह और प्रक्षेपण यान निर्माण), मिडस्ट्रीम (प्रणोदन प्रणाली, एवियोनिक्स, उन्नत सामग्री) और डाउनस्ट्रीम (ग्राउंड स्टेशन, मिशन संचालन, स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस, एआई-आधारित उपग्रह डेटा विश्लेषण) सभी चरणों को मजबूत करने पर फोकस करती है। स्टार्टअप्स, एमएसएमई और निवेशकों के लिए डिजाइन-लिंक्ड इंसेंटिव, प्रोटोटाइप अनुदान, बौद्धिक संपदा प्रतिपूर्ति और मैचिंग फंड मॉडल जैसी आकर्षक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। नीति राष्ट्रीय अंतरिक्ष नीति और IN-SPACe सुधारों के अनुरूप निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देगी।

 निवेश, रोजगार और नवाचार पर जोर

नीति का मुख्य लक्ष्य स्पेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप-टेक जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करना, उच्च-कौशल रोजगार सृजित करना और मध्य प्रदेश को टियर-2 स्तर का प्रमुख स्पेस टेक हब बनाना है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग इस नीति को लागू करेगा, जबकि एमपीएसईडीसी नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगी। निवेशकों, स्टार्टअप्स और अनुसंधान संस्थानों के लिए सिंगल-विंडो सुविधा भी प्रदान की जाएगी।

यह ऐतिहासिक पहल मध्य प्रदेश की वैज्ञानिक विरासत और भविष्य की तकनीक के बीच मजबूत सेतु बनेगी, जो युवाओं के सपनों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी और राज्य को वैश्विक स्पेस मैप पर स्थापित करेगी!

 

Report By:
Monika