Feb 11, 2024
Beauty of Bhopal - राजधानी में बसतं ऋतू की सुगबुगाहट दिखने लगी पेड़ों पर पलाश के फूलों की बहार छाई हुई है, जिससे वातावरण का सौंदर्य बढ़ने लगा है। सड़कों के किनारे लगे पलाश के फूल बसंत ऋतू का झूमकर स्वागत कर रहे हैं
पहाडिय़ों से घिरे होने के कारण भोपाल में पलाश के कई पेड़ -
भोपाल कितना खूबसूरत हो सकता है, इसकी जितनी कल्पना की जाए उतनी कम होगी। यहां आकर आप अपने आप को प्रकृति के बेहद करीब महसूस करेंगे भोपाल की 5 पहाडिय़ों पर बसा हुआ है कटारा हिल्स ,अरेरा हिल्स ,ईदगाह हिल्स,श्यामला हिल्स,द्रोणाचल नेवरी हिल्स इन पहाड़ो की वजह से शहर में पलाश और गुलमोहर के कई पेड़ है और जैसे ही बसंत ऋतू शुरू होती है ये पेड़ पलाश के फूलो से लद जाते हैं जिस वजह से भोपाल की सुंदरता में चार चाँद लग जाते हैं
चमत्कारी पेड़ माना जाता है 'पालश'
औषधीय गुण होने के कारण ये पेड़ काफी उपयोगी है। लाल फूल का वैज्ञानिक नाम ब्यूटिमा मोनोस्पर्मा है सफेद पुष्पो वाले लता पलाश को औषधीय दृष्टिकोण से अधिक उपयोगी माना जाता है। सफेद फूलो वाले लता पलाश का वैज्ञानिक नाम ब्यूटिया पार्वीफ्लोरा है जबकि लाल फूलो वाले को ब्यूटिया सुपरबा कहा जाता है। पलाश का हिन्दू धर्म में काफी महत्व है। पलाश के पेड़ की छाल को उबालकर सेवन करने से पथरी और यकृत रोग दूर होते हैं। व्यवसाय उपयोगी पलाश के तने के रेशे से बनी रस्सी काफी मजबूत होती है।
भोपाल में पलाश के फूलों से छाई रहती है "रौनक"
भोपाल के श्यामला हिल्स ,नीलबड़ ,भेल ,कोलार ,कलियासोत रोड पर आपको खूबसूरती से भरे ये पेड़ देखने को मिल जायेंगे, फरवरी - मार्च के महीने में जब ये पालश के फूल सड़क पर गिरते हैं तो राजधानी की सुंदरता देखते ही बनती है मानो प्रकृति सृंगार कर रही हो..
रिपोर्ट - अंकित तिवारी